भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर शानदार वापसी की है। तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारत ने 35 रन से जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप पूरा किया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर की यह पहली द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीत है।
15 साल के सूर्यवंशी का कमाल
तीसरे मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 5 विकेट पर 192 रन बनाए और जिम्बाब्वे के सामने 193 रनों का मजबूत लक्ष्य रखा। भारत की इस विशाल पारी के नायक रहे 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी। वैभव ने जिस परिपक्वता के साथ 81 रनों की तूफानी पारी खेली, उसने सभी का दिल जीत लिया। पूरी सीरीज में वैभव ने 3 मैचों में 2 अर्धशतक और 196 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से कुल 151 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। मध्यक्रम में कप्तान श्रेयस अय्यर और रिंकू सिंह ने भी अहम योगदान दिया।
युवा पेस अटैक ने मचाया गदर
193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम 157 रनों पर ही ढेर हो गई। भारत की इस जीत में युवा तेज गेंदबाजों की चौकड़ी का बहुत बड़ा हाथ रहा:
मयंक यादव: अपनी तूफानी गति से मयंक पूरी सीरीज में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों के लिए पहेली बने रहे। पहले मैच में मैच-जिताऊ स्पेल डालकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने वाले मयंक ने तीसरे टी20 में भी 29 रन देकर 3 अहम विकेट चटकाए।
यश ठाकुर: डेब्यू करने वाले यश ठाकुर ने डैथ ओवरों में अपनी सटीक यॉर्कर से कमाल दिखाया और अहम मौकों पर ब्रेकथ्रू दिलाए।
अशोक शर्मा: अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू में अशोक ने काफी नपी-तुली गेंदबाजी की। तीसरे मैच में उन्होंने बेहद किफायती स्पेल डालते हुए 4 ओवरों में सिर्फ 20 रन देकर 1 विकेट लिया।
प्रिंस यादव: नई गेंद से प्रिंस यादव ने शुरुआत में अच्छी स्विंग और लाइन-लेंथ का मुआयना कराया, हालांकि सीरीज के दौरान हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण उन्हें थोड़ा संघर्ष करना पड़ा।
आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ हालिया निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह दौरा भारतीय टीम और कप्तान श्रेयस अय्यर दोनों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका था। युवा खिलाड़ियों से सजी इस टीम ने इस चुनौती को बखूबी स्वीकार किया और बिना कोई मैच गंवाए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
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