भरतपुर । रूपबास (लेखेन्द्र सिंह बंशीवाल) : उपखंड क्षेत्र के ग्राम बंसी पहाड़पुर क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में प्रशासन द्वारा की गई सख्ती और छापेमारी के बावजूद, बंसी पहाड़पुर और नगला खार जैसे इलाकों में शराब माफिया एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिनों की शांति के बाद अब यह अवैध कारोबार पहले से भी अधिक जोरों पर चल रहा है।
दबिश का नहीं दिख रहा असर
गौरतलब है कि पिछले दिनों आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन ने इन क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें भारी मात्रा में ‘लहान’ नष्ट किया गया था और भट्टियां तोड़ी गई थीं। लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। कार्रवाई खत्म होते ही शराब बनाने वाले और बेचने वाले फिर से अपने पुराने ठिकानों पर लौट आए हैं।
खतरे में ग्रामीणों का स्वास्थ्य और सुरक्षा
नगला खार और बंसी पहाड़पुर के आसपास के जंगलों और नालों के किनारे फिर से कच्ची शराब की भट्टियां धधकने लगी हैं। जहरीले रसायनों के उपयोग से तैयार की जाने वाली यह शराब न केवल लोगों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो रही है, बल्कि इससे क्षेत्र में अपराध और अशांति का माहौल भी बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासी का कहना है: “कार्रवाई सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है। पुलिस के जाते ही धंधा फिर शुरू हो जाता है। शाम होते ही इन इलाकों में शराबियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे महिलाओं और बच्चों का निकलना दूभर हो गया है।”
सक्रिय माफिया: कार्रवाई के महज कुछ दिनों बाद ही माफियाओं ने नए ठिकाने बना लिए हैं।
बार-बार हो रही छापेमारी के बावजूद नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में पुलिस नाकाम दिख रही है।
बंसी पहाड़पुर और नगला खार इस अवैध धंधे के मुख्य केंद्र बने हुए हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शराब माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस और स्थायी कदम उठाता है या फिर यह ‘पकड़-धकड़’ का खेल इसी तरह चलता ।।
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