Jan Bharat TV
26 नवंबर 2025
नई दिल्ली : संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद एवं डोमा परिसंघ के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. उदित राज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पूरा देश संविधान दिवस मना रहा है, तब सत्ता में बैठी शक्तियाँ संविधान को कमजोर करने में लगी हुई हैं। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर को रामलीला मैदान, दिल्ली में प्रस्तावित “संविधान और वोट बचाओ रैली” को दिल्ली पुलिस द्वारा एनओसी न दिए जाने के कारण रद्द करना पड़ा। इसे उन्होंने “हिन्दू राष्ट्र बनाने की साज़िश” का हिस्सा बताया।डॉ. उदित राज ने कहा कि सरदार पटेल ने ‘हिन्दू राज’ की अवधारणा को एक “पागलपन” बताया था, लेकिन वर्तमान सरकार उनके विचारों के विपरीत काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान बचाने वाले आंदोलनों को रोका जा रहा है, जबकि दूसरी ओर संविधान को खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। उन्होंने दावा किया कि धीरेंद्र शास्त्री, रामभद्राचार्य जैसे लोगों को बीजेपी-आरएसएस का उसी तरह समर्थन मिल रहा है, जैसा अन्ना आंदोलन को मिला था।आरक्षण, शिक्षा और नौकरियों पर बड़े आरोपडॉ. उदित राज ने कहा कि निजीकरण और ठेकाकरण नीति के कारण आरक्षण लगभग समाप्त हो चुका है। सरकारी संस्थानों को बेचकर सरकारी नौकरियों के अवसर घटा दिए गए हैं, वहीं लेटरल एंट्री से बिना आरक्षण के आईएएस तक बनाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान की धारा 15(5) लागू न होने से दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदाय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।उन्होंने आगे कहा कि धर्मांतरण के नाम पर ईसाई और मुस्लिम समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। EWS लागू होने के बाद अधिकांश नौकरियाँ पहले से विकसित वर्गों को ही मिल रही हैं। जिन पदों पर आरक्षण नहीं है—जैसे कुलपति, उच्च न्यायपालिका आदि—वहाँ केवल आरएसएस विचारधारा वाले लोगों को नियुक्त किया जा रहा है।लाखों पद खाली होने के बावजूद भर्तियाँ नहीं की जा रही हैं और आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कराया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के ‘धर्म सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार’ मामले में लगभग 11 लाख संविदा कर्मियों को नियमित करने के आदेश के बावजूद, यूपी सरकार ने इसके बजाय आउटसोर्स सर्विस निगम बनाकर कर्मचारियों के स्थायी रोजगार के रास्ते बंद कर दिए हैं।संविधान बचाने के कार्यक्रम को हर हाल में जारी रखने की घोषणाडॉ. उदित राज ने कहा कि पुलिस द्वारा एनओसी न देने के बावजूद संविधान बचाने का कार्यक्रम किसी भी कीमत पर किया जाएगा।प्रेस वार्ता में एड. शाहिद अली, श्री सत्य नारायण, श्री कुनाल बिहारी, एड. सतीश सांसी, इं. ए. पी. खान, डॉ. अंशु एंथनी और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी अदनान अशरफ भी मौजूद रहे।
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