राँची (झारखण्ड):
देश की सेवा में वर्षों तक योगदान देने वाले एक रिटायर्ड सैनिक इन दिनों गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। पीड़ित सैनिक और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि श्री दुर्गेश तिवारी, पिता स्वर्गीय भगवन्त मनी तिवारी, पेशा व्यापार, निवासी रातु रोड क्षेत्र, राँची (झारखण्ड) द्वारा उनसे पैसों का लेन-देन किया गया था, लेकिन बाद में तय शर्तों का पालन नहीं किया गया।
परिजनों के अनुसार यह लेन-देन आपसी विश्वास के आधार पर हुआ था। उपलब्ध दस्तावेज़ों में दर्ज दावे के अनुसार, धनराशि लेने के बाद न तो पैसा वापस किया गया और न ही किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब दिया गया। लगातार संपर्क के प्रयासों के बावजूद पीड़ित पक्ष को कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिला।
इस पूरे मामले के दौरान रिटायर्ड सैनिक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे सैनिक को अब तक किसी भी स्तर पर प्रभावी कानूनी सहायता नहीं मिल पाई है, जिससे परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने संबंधित प्रशासनिक और कानूनी अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। कार्रवाई न होने से परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों को न्याय पाने के लिए भी लंबा संघर्ष करना पड़ेगा।
नोट:
यह रिपोर्ट पीड़ित पक्ष द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज़ों और बयानों पर आधारित है। लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक जाँच के बाद ही संभव होगी।
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