भरतपुर, रूपबास।
कस्बे की नट बस्ती के दर्जनों लोगों ने पुलिस पर निर्दोष बच्चों को झूठे मामले में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला रूपबास में हुए लूट के प्रयास से जुड़ा हुआ है। परिजनों ने उपखंड अधिकारी (SDM) के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अमित शर्मा को सौंपा।
ज्ञापन में नट बस्ती के लोगों ने बताया कि 12 नवंबर को कस्बे में एक सर्राफा व्यापारी पर फायरिंग कर लूट के प्रयास की घटना हुई थी। उसी समय बस्ती के कुछ बच्चे बाजार से सामान लेने के लिए गए हुए थे।
परिजनों का आरोप है कि असली अपराधी घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए उनके बच्चों को, जो गरीब तबके और नट समुदाय से हैं, अपराध में शामिल बता दिया। लोगों का कहना है कि पुलिस ने असली आरोपियों को बचाकर केस को रफा-दफा करने की कोशिश की है।
बस्ती के लोगों ने इसे घोर अन्याय बताया। उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन घटना के असली आरोपियों का साथ दे रहा है और गरीब परिवारों के बच्चों को आसान निशाना बनाया जा रहा है।
प्रार्थियों ने यह भी कहा कि उनके बच्चों के खिलाफ आज तक किसी भी न्यायालय या थाने में कोई मुकदमा दर्ज नहीं रहा है। इसके बावजूद उन्हें जबरन शातिर अपराधी घोषित कर उनके जीवन और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
निवासियों ने उच्च अधिकारियों से मामले की सत्यता की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन सौंपते समय भोगीराम, गुड्डी, शिंभू, शंकर, वीरेश, धर्मसिंह, लता, चन्द्रवती, पंकज, मीरा, रेशम, सरोज और चिम्मन सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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